कम्म और मरण चतुक Viewers(1)
- कम्मचतुक – कर्म चार प्रकार से होते जिनके अनुसार हम अपना भविष्य तय करते है--
-जनकादि किच्च -(कर्म के अनुसार माता-पिता का चयन करते है)
- पाकधान कम्म (जिसके पास पिछले जन्म के कुसल कर्म जिससे वह धम्म का अध्ययन कर सकता है)
-पाककाल कम्म (व्यक्ति द्वारा पिछले जन्म में किये गये अकुसल कर्मों के परिणाम मिलने का समय)
- पाकत्थान कम्म (आधार)
- मरण चतुक—
- आयुक्खयमरण (आयु की समाप्ति के कारण मृत्यु)
- कम्मक्खयमरण (कर्म के समाप्त होने के कारण मृत्यु)
- उभयक्खय मरण (कर्म और आयु दोनों का समाप्त होने के कारण मृत्यु)
ये तीनों प्रकार की मृत्यु समय के पूरे होने के कारण होती है
- उपच्छेदक मरण (समय पूरा हुए बिना किसी की मृत्यु हो जाना जैसे- आत्महत्या करना, दुर्घटना, अकाल पड़ना)
By Paramattha Dhamma Sikkhaya Foundation
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