विसाखा मिगार माता Viewers(1)
•धनञ्जय सेठ की बेटी विशाखा का यथासमय मीगार सेठ के पुत्र पुण्यवर्धन के साथ श्रावस्ती में विवाह हुआ।
•मायके से विदाई के समय धनञ्जय सेठ ने अपनी पुत्री विशाखा को दस बातें संकेतों में समझायीं:
1. घर की आग बाहर मत ले जाना
2. बाहर की आग घर में मत लाना
3. जो देता है उसको देना
4. जो नहीं देता उसको मत देना
5. जो देता है उसको भी और जो नहीं देता उसको भी देना
6. सुख से बैठना
7. सुख से खाना
8. सुख से लेटना
9. अग्नि की परिचर्चा करना
10. कुल देवों की पूजा करना
•पिता की बातों को मन में गांठ बांध कर विशाखा अपनी ससुराल मीगार सेठ की बहू बन कर श्रावस्ती आ गयी।
मीगार सेठ की भगवान बुद्ध में कोई आस्था नहीं थी। वह अन्य मत का अनुयायी था।
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