विशाखामिगार माता
विसाखा, धनंजय सेठ के पुत्री थी, जो भद्दिय नगर, अंग राज्य (मगध राज्य की सुरक्षा में) के रहने वाले थे। विसाखा की माता का नाम सुमना देवी था। मूल रूप से, विसाखा के दादा मेंण्डक सेठ मगध राज्य के पांच बड़े सेठों में से एक थे, जिन्हें राजा बिंबिसार द्वार... Read More...
केसपुत्तिय सुत्त (कालाम सुत्त )
उस समय भगवान बुद्ध विशाल भिक्षु संघ के साथ कोसल जनपद में विचरण करते हुए केसपुत्त नामक कालामों के निगम (कस्बे) में पहुंचे।
तब केसपुत्त निवासी कालामों को ऐसा सुनने में आया: "हे भद्रजनों! शाक्यकुल से प्रव्रजित (संन्यास लिए हुए) शाक्यपु... Read More...
गिलानभेसज्ज (दवाई आदि)
गिलानभेसज्ज (दवाई आदि)
यथापच्चयं पवत्तमाणं धातुमत्तमेवेतं यदिदं गिलान-पच्चय-भेसज्ज- परिक्खारो, तदुपभुंजको च पुग्गलो धातुमत्तको निस्सत्तो, निज्जीवो सुञ्ञो सब्बोपनायं गिलान-पच्चय-भेसज्ज- परिक्खारो<... Read More...
सेनासन
सेनासन
(आसन बिछाने से पहले संगायन करें)
यथापच्चयं पवत्तमाणं धातुमत्तमेनेतं यदिदं सेनासणं तदुपभुञ्जको च पुग्गलो धातुमत्तको निस्सत्तो निज्जीवो सुञ्ञो, सब्बानि पन इमानि सेनासणं अजिगुच्छनिया... Read More...
पिण्डपात
पिण्डपातं
भोजन, पिण्डपात, रस, दही, दूध ग्रहण करने से पहले
यथापच्चयं पवत्तमाणं धातुमत्तमेनेतं यदिदं पिण्डपातो तदुपभुंजको च पुग्गलो धातुमत्तको निस्सत्तो, निज्जीवो सुञ्ञो सब्बोपनायं पिण्डपातो अजिगुच्छनियो इमं पूति... Read More...
By Paramattha Dhamma Sikkhaya Foundation