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दीघनखसुत्तं

दीघनखसुत्तं

४. दीघनखसुत्तं

(सुत्तपिटक, मज्झिमनिकाय, मज्झिमपण्णासपालि ३. परिब्बाजकवग्गो)

२०१. एवं मे सुतं – एकं समयं भगवा राजगहे विहरति गिज्झकूटे पब्बते सूकरखतायं। अथ खो दीघनखो परिब्बाजको ये... Read More...

तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर पधारे

तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर पधारे

तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर आये

          (जिसे देवोरोहना (देवों का उदय होना) के नाम से जाना जाता है)

भगवान बद्ध आठवें चंद्रमास की पूर्णिमा पर अपनी माता महामाया

को अभ... Read More...

चित्त के 10 कार्य

चित्त के 10 कार्य

चित्त- आलम्बन को प्राप्त करता, यादें, विचार, जानना

मनो- आलम्बन को द्वार से जोड़ता है

हदय- चित्त और चेतसिक के केन्द्र से 6 आलम्बन को प्राप्त करता

मानस- कुसल और अकुसल दोनों को करने में संतुष्टी

पंडर- शांत, खुश... Read More...

माघ पूर्णिमा का महत्व 

माघ पूर्णिमा का महत्व 

माघ पूर्णिमा का महत्व 

  • बुद्धिष्ट कलेंडर की तीसरे चंद्र माह की पूर्णिमा
  • बिना अनुमति के 1250 अरहंत पतिसम्भिधाञाण की बैठक
  • एहि भिक्खु उपसंपदा (बुद्ध के द्वारा... Read More...
Parinibbāna of Arahant Theri Yasodharā

Parinibbāna of Arahant Theri Yasodharā

(Parinibbāna) of Arahant Yasodharā

When Arahant Yasodharā was 78 years old, she reflected and understood that the time was right for her to attain Parinibbāna (Passing away). Accompanied by 500 nuns who were her... Read More...