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तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर आये (संकिसा)

तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर आये (संकिसा)

तावतिंस देवलोक से बुद्ध पृथ्वी पर आये

          (जिसे देवोरोहण (देवों का उदय होना) के नाम से जाना जाता है)

भगवान बद्ध आठवें चंद्रमास की पूर्णिमा पर अपनी माता महामाया

को अभि... Read More...

विचारों की  प्रक्रिया

विचारों की  प्रक्रिया

अभिधम्म के अनुसार जब किसी वस्तु को पाँच द्वारों (आँख, नाक, कान, जीभ और शरीर इन्द्रियों) के माध्यम में से किसी एक के माध्यम से दिमाग में डाला जाता है तो एक विचार की प्रक्रिया निम्नानुसार चलती है-

विचारों की  प्रक्रिया... Read More...

चार सम्यक प्रधान

चार सम्यक प्रधान

चार सम्यक प्रधान-

  1. उप्पन्नानं पापकानं धम्मानं पहानाय वायामो (उत्पन्न हुई अकुसल अवस्थाओं को नष्ट करना)
  2. अनुप्पन्नानं पापकानं धम्मानं पहानाय वायामो (जो-उत्पन्न नहीं हुए अकुसल अवस्थाओं को उत्पन्न न होने देन... Read More...
विसाखा-एक दिन की बात

विसाखा-एक दिन की बात

एक दिन की बात है-

विशाखा अपने ससुर मिगार सेठ को अपने हाथ से पका कर ताजा-गर्म भोजन स्वयं परोस कर खिला रही थी। मिगार सेठ सोने-चांदी के बर्तनों में भोजन करता था। भोजन के समय ही एक भिक्खु द्वार पर आ खड़ा हुआ। विशाखा के मन में बुद्ध प्रमुख भि... Read More...

विसाखा मिगार माता

विसाखा मिगार माता

•धनञ्जय सेठ की बेटी विशाखा का यथासमय मीगार सेठ के पुत्र पुण्यवर्धन के साथ श्रावस्ती में विवाह हुआ।

•मायके से विदाई के समय धनञ्जय सेठ ने अपनी पुत्री विशाखा को दस बातें संकेतों में समझायीं:

1. घर की आग बाहर मत ले जाना... Read More...