नवुति-उप-निधि-भन्द 90 Viewers(1)
नवुति-90
उप-उच्च, सर्वश्रेष्ठ
निधि-खजाना, (ऐसा खजाना जिसे कोई आपसे चाहकर भी छीन नहीं सकता)
भन्द- बनाना , अनुमोदामि- ऐसे कुसल कर्म का अनुमोदन करना
पुब्बचेतना (पूर्व)
पुण्यकिरियावत्थु 10 जब तीनों चेतनाओं के साथ कार्य करके जो बनाते वो निम्नवत है-
पुण्यकिरियवत्थु10 पुब्बचेतना, मुञ्चचेतना और अपराचेतना के साथ कार्य करके 30 पुण्यकिरियावत्थु बनाता है
मुञ्चचेतना (वर्तमान)
कुसलकम्मपथ 10 जब तीनों चेतनाओं के साथ कार्य करके जो बनाते वो निम्नवत है-
कुसलकम्मपथ 10 पुब्बचेतना, मुञ्चचेतना और अपराचेतना के साथ कार्य करके 30 कुसलकम्मपथ बनाता हैं।
अपराचेतना (भविष्य)
पारमी या पारमितायें 10 जब तीनों चेतनाओं के साथ कार्य करके जो बनाते वो निम्नवत है-
हीनपारमी 10 , मज्झिमपारमी 10 और पनीतपीरमी 10 के साथ कार्य करके 30 पारमी बनाते हैं।
By Paramattha Dhamma Sikkhaya Foundation
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