धम्मचक्कप्पवत्तनसुत्तं पालि
धम्मचक्कप्पवत्तनसुत्तं
(सुत्तपिटक- संयुत्तनिकाय, महावग्गो 12. सच्चसंयुत्त धम्मचक्कप्पवत्तनवग्गो)
१०८१.एवं मे सुत्तं एकं समयं भगव बाराणसियं विहरति इसिपतने मिगदाये। तत्र खो भगव पञ्... Read More...
पहाण मोह चेतसिक
पहाण मोह चेतसिक (अभिधम्मपिटक – धम्मसंगिनि निक्खेपकण्ड 1106, 12)
हम अभिवादन करते है मोह चेतसिक को नष्ट करने के लिए
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पहाण विचिकिच्छा चेतसिक
पहाण विचिकिच्छा चेतसिक
(अभिधम्म पिटक-धम्मसंगिनि-निक्खेपकण्डं 1008) दुकनि... Read More...
दंदकम्म दस सिक्खापद:-
दंदकम्म दस सिक्खापद:-
1. विकालभोजनो होति—12 बजे के बाद भोजन करना।
2.नच्च गीत वदितविस्सूक दस्सनो होति—नृत्य व मनोरंजन आदि में शामिल होना।
3. मालागन्ध विलेपन धारण मण्डन विभूसनट्ठानो होति&mda... Read More...
लिंगानासना दस सिक्खापद:-
लिंगानासना दस सिक्खापद:-
1. पाणातिपाती होति--जीवों (सुक्क) को मारना या अब भी ऐसा व्यवहार।
2. अदिन्नादाना होति—चोरी करना (5 मासक = 2.90 रूपये)
3. अब्रह्मचारी होति—व्याभिचार करना... Read More...
By Paramattha Dhamma Sikkhaya Foundation