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चीवर पच्चवेक्खण

चीवर पच्चवेक्खण

पच्चवेक्खण

चीवर के लिए (चीवर पहनने से पहले संगायन करें)

यथापच्चयं पवत्तमाणं धातुमत्तमेनेतं यदिदं उत्तरासंगं चीवर, अन्तरवसकं चीवरं, संघच्छिकं चीवर, उदकसातिका चीवर,  एककायबन्धणं, दवीकायबन्धन ... Read More...

विपस्सनाधम्म

विपस्सनाधम्म

विपस्सनाधम्म

अनिच्च वत संखारा, उप्पाद-वय-धम्मिनो

उप्पज्जित्वा निरूज्झन्ति, तेसं वूपसमो सुखो

सब्बे सत्ता मरन्ति च, मरिन्सु च मरिस्सरे

तथेवाहं मरिस्सामि, नत्थि मे एत्थ संसयो

अचिरं वतयं  कायो, पथ... Read More...

धम्मचक्‍कप्पवत्तनसुत्तं पालि

धम्मचक्‍कप्पवत्तनसुत्तं पालि

धम्मचक्‍कप्पवत्तनसुत्तं

(सुत्तपिटक- संयुत्तनिकाय, महावग्गो 12. सच्चसंयुत्त धम्मचक्‍कप्पवत्तनवग्गो)

१०८१.एवं मे सुत्तं एकं समयं भगव बाराणसियं विहरति इसिपतने मिगदाये। तत्र खो भगव पञ्‍... Read More...

पहाण मोह चेतसिक

पहाण मोह चेतसिक

पहाण मोह चेतसिक (अभिधम्मपिटक – धम्मसंगिनि निक्खेपकण्ड 1106, 12)

  हम अभिवादन करते है मोह चेतसिक को नष्ट करने के लिए

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पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

पहाण विचिकिच्छा चेतसिक

                        (अभिधम्म पिटक-धम्मसंगिनि-निक्खेपकण्डं 1008) दुकनि... Read More...